![] नई दिल्ली –चुनाव सुधारों के लिये मशहूर , रैमन मैग्सेस अवार्ड से सम्मानित एवं बिहार में पहली बार चार चरणों में चुनाव कराने वाले देश के दसवें चुनाव आयुक्त टी०एन० शेषन ( तिरुनेलै नारायण अय्यर शेषन ) का आकस्मिक निधन हो गया है। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत कई बड़े दिग्गजों ने दुख जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टी०एन० शेषन के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट किया — टीएन शेषन एक उत्कृष्ट सिविल सेवक थे। उन्होंने अत्यंत परिश्रम और निष्ठा के साथ भारत की सेवा की। चुनावी सुधारों के प्रति उनके प्रयासों ने हमारे लोकतंत्र को मजबूत और अधिक सहभागी बनाया है। उनके निधन का दुख है। ओम शांति।

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन नही रहे

– भारत में चुनाव नियमों को सख्ती से लागू करवाने के लिये मशहूर पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी०एन० शेषन (86 वर्ष) का रात में निधन हो गया है। शेषन को उनके कड़े रुख के लिए जाना जाता है। उन्होंने अपने कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव से लेकर बिहार के मुख्यमंत्री रहे लालू प्रसाद यादव और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल गुलशेर अहमद तक किसी को नहीं बख्शा। वे पहले चुनाव आयुक्त थे जिन्होंने बिहार में पहली बार चार चरणों में चुनाव करवाया था और इस दौरान चारों बार चुनाव की तारीखें बदली गयी थीं। जो बिहार के इतिहास का सबसे लंबा चुनाव था।शेषन देश के 10वें मुख्य चुनाव आयुक्त थे जो चुनाव आयुक्त बनने से पहले कई मंत्रालयों में काम किये और जहां भी गये उस मंत्री और मंत्रालय की छवि सुधर गयी।

तिरुनेल्लई नारायण अय्यर शेषन यानी टी०एन० शेषन का जन्म 15 दिसंबर 1932 को केरल के पलक्कड़ जिले में ब्राह्मण परिवार में हुआ था। शेषन अपने 06 भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनकी पत्नी का नाम जयलक्ष्मी शेषन था। उनके पिता पेशे से वकील थे। उन्होंनें मद्रास के क्रिश्चियन कालेज से स्नातक परीक्षा पास करने के बाद कुछ समय वहाँ व्याख्याता भी रहे। शेषन पहले APS की परीक्षा में टापर रहे उसके बाद 1954 में 21 साल की उम्र में IAS की परीक्षा में भी टापर रहे। वे 1955 बैच के तमिलनाडु कैडर के आईएएस अधिकारी थे जिन्हें हिन्दी , अंग्रेजी के अलावा तमिल , मलयालम , संस्कृत , कन्नड़ , मराठी , गुजराती भाषाओं का भी ज्ञान था। IAS की परीक्षा में टाप करने वाले शेषन नौकरशाह के पद पर रहते हुये कैबिनेट सचिव के पद पर पहुँचे। शेषन 12 दिसंबर दिसंबर 1990 से 11 दिसंबर 1996 तक देश के 10वें मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर रहे। 1990 में चुनाव आयुक्त बनने के बाद शेषन का डायलॉग — ” आई ईट पालिटिशियंस फार ब्रेकफास्ट ” (मैं नाश्ते में राजनीतिज्ञों को खाता हूँ) काफी चर्चित रहा। इस पद पर रहते हुये उन्होंने भारतीय चुनाव प्रणाली में कई सुधार किये। आयुक्त पद सम्हालने से पहले वे 1989 में देश के 18वें कैबिनेट सचिव के पद पर रहे। सरकारी सेवाओं के लिये उन्हें 1996 में रैमन मैग्सेस अवार्ड से सम्मानित किया गया था। इसके बाद 1997 में वे राष्ट्रपति चुनाव भी लड़े थे लेकिन के आर नारायणन के सामने उन्हें सफलता नही मिली।

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

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