नई दिल्ली — सुप्रीम कोर्ट राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में कल 09 नवंबर शनिवार को फैसला सुनायेगी। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई, जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ , जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पाँच सदस्यीय बेंच फैसला सुनायेगी। कोर्ट ने इस मामले पर 40 दिन सुनवाई करने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। इससे पहले आज ही सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आर०के० तिवारी, डीजीपी ओमप्रकाश सिंह समेत कई वरिष्ठ अफसरों से मुलाकात की। इस दौरान चीफ जस्टिस ने अयोध्या केस में फैसला आने से पहले प्रदेश की सुरक्षा तैयारियों को लेकर चर्चा की। अयोध्या जिले को चार जोन- रेड, येलो, ग्रीन और ब्लू में बांटा गया है। इनमें 48 सेक्टर बनाये गये हैं जिसमें विवादित परिसर, रेड जोन में स्थित है। गौरतलब है कि इस फैसले को लेकर देशभर में अलर्ट जारी किया गया है। अयोध्या सहित देश के अलग—अलग प्रदेशों में भी संवेदनशीन इलाकों में धारा 144 लागू की गई है। रामजन्म भूमि पर फैसले पर देश के तमाम मंत्री और नेताओं, धर्म गुरूओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कोर्ट के फैसले का सम्मान करने की अपील की है।
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
Categorized in : देश