बैंकॉक(थाईलैण्ड) — भारत ने क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) का हिस्सा बनने से इंकार कर दिया है। भारत ने आयात की अधिकता की सुरक्षा के लिये अपर्याप्त व्यवस्था, चीन के साथ अपर्याप्त अंतर, नियमों में बदलाव की आशंका, बाजार की अनुपलब्धता जैसे विषयों को लेकर चिंता जाहिर की थी। इनकी स्थिति साफ नहीं होने के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगठन का हिस्सा नहीं बनने का फैसला लिया है। सूत्रों के मुताबिक समझौते के अहम मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया है और भारत अपने हितों से समझौता नहीं करेगा। आरसीईपी समझौता अपने मूल उद्देश्य को नहीं दर्शाता है और इसके नतीजे संतुलित नहीं होंगे।

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

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