नई दिल्ली — सुप्रीम कोर्ट दीपावली की छुट्टी समाप्त होने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट एक सप्ताह के भीतर ही देश की सियासत को हिलाने वाली फैसला सुनाने की पूर्ण तैयारी कर चुकी है जिस पर देश की जनता की निगाहें टिकी हुई है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की छुट्टियांँ कल 04 नवंबर को खत्म हो रही है और 17 नवंबर को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई सेवानिवृत्त हो रहे है। चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने अयोध्या के रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद संपत्ति विवाद, राफेल विमान घोटाले में शीर्ष अदालत के निर्णय के लिये दाखिल पुनर्विचार याचिका, सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के अलावा चौकीदार चोर है जैसे चर्चित मामले लंबित हैं। जिस पर राजनैतिक पार्टियों के साथ ही देश की जनता की निगाहें टिकी हुई है कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला क्या होगा ?
रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला देश की सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र में बड़ा प्रभाव छोड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट में 40 दिन लगातार सुनवाई के बाद सीजेआई की पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। सबरीमाला अयप्पा मंदिर में महिलाओं के प्रवेश देने के याचिका पर सीजेआई की पांँच जजों की पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। सीजेआई के अध्यक्षता वाली पांँच जजों की पीठ में सीजेआई ऑफिस को आरटीआई (RTI) के तहत लाने की अनुमति देने के लिये याचिका दाखिल की गई थी जिसका भी फैसला आना बाकी है। सीजेआई की अध्यक्षता में बनी तीन जजों की पीठ पिछले साल दिए अपने फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर भी फैसला आने का इंतजार है।इसके अलावा न्यायमूर्ति गोगोई की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की पीठ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “चौकीदार चोर है” टिप्पणी को गलत तरीके से शीर्ष अदालत के लिये जिम्मेदार ठहराते हुये कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही की मांग पर अपना फैसला सुनायेगी।
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
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