महोदय ज्ञात हो कि कल देहरादून के एक निजी स्कूल दून इम्पीरियल रेजीडेंसी के हॉस्टल मे रह रहे बच्चे के साथ दुष्कर्म का मामला प्रकाश मे आया है जिसमे स्कूल प्रबंधकों, प्रिंसिपल और संचालको द्वारा शिकायत के बावजूद मामले को दबाया गया पीड़ित बच्चे को धमकाया गया और आरोपी को भागने मे मदद भी की गई । इस से पूर्व भी कई नामी गिरामी स्कूलों द्वारा इस प्रकार के मामलों को अपनी साख बचाने के लिए न सिर्फ दबाया और छुपाया गया बल्कि पीड़ितों को डराया धमकाया गया जबकि एक मामले मे तो उसे मार कर दफना भी दिया था यदि राज्य बाल आयोग द्वारा उसमे तुरन्त और निष्पक्ष करीवाई न कि जाति तो पीड़ित बच्चे के परिवार को न्याय मिलना मुश्किल ही नही नामुमकिन होता । पूर्व के मामलों चाहे वो GRD हो ,पेस्टलविड हो , चिल्ड्रन होम हो, मसूरी के हॉस्टल मे छात्र की हत्या का मामला हो या फिर कोई भी अन्य मामला सभी प्रकरणों को स्कूलों मे चल रहे अवैध व नियमविरुद्ध हॉस्टल मे ही अंजाम दिया गया है जिसका ताजा उदाहरण आपके सामने कल ही प्रकाश मे आयी घटना है । एक अभिभावक बड़े ही उम्मीद और विश्वास के साथ अपने बच्चों को नामी गिरामी स्कूल मे इसलिये भेजता है ताकि उसका भविष्य बन सके न कि उसका शोषण करने या हत्या करने के लिए । अभिभावक अपने खून पसीने की कमाई मोटी-मोटी फीस के रूप मे देता है चाहे वो लोन लेकर ही क्यों न दी गयी हो इन स्कूलों को बच्चे के भविष्य के लिए देता है न कि अपने बच्चे के शोषण और हत्या के लिए । अतः एसोसिएशन के माध्यम से हम बाल आयोग से आग्रह व अनुरोध के साथ मांग करते हैं कि उत्तराखंड मे स्थित सभी स्कूलों के हॉस्टलों की निष्पक्ष जांच करें यदि जांच मे कोई भी हॉस्टल मानक पूरे न करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ मौके पर ही तुरन्त दंडात्मक करीवाई की जाए ताकि अन्य स्कूल मे चल रहे हॉस्टलों के संचालक भी निर्विल्म अपने हॉस्टलों मे बच्चों की सुरक्षा के मानकों को पूरा करें । और साथ ही एसोसिएशन यह भी मांग करती है कि कल वाले प्रकरण मे दोषी स्कूल संचालकों और इसमे शामिल सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने की संतुति करते हुए हॉस्टल को निर्विलम्ब बन्द किया जाए ताकि अन्य स्कूलों के लिए नजीर साबित हो ।
धन्यवाद
प्रार्थी
आरिफ खान
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