जमानत के लिए पवित्र कुरान बांटने की शर्त का विरोध होने पर रांची की एक अदालत ने अपने फैसले में बदलाव करते हुए कुरान बांटने वाली शर्त को फैसले से हटा दिया है।

गौरतलब है कि फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी की शिकायत के बाद पुलिस ने ऋचा पटेल को गिरफ्तार कर लिया था और उन्हें जेल भेज दिया गया था। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद शनिवार को लोगों ने थाने के बाहर धरना-प्रदर्शन किया था। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ऋचा को सशर्त जमानत दे दी थी।

इस मामले के जांच अधिकारी यानी पिथोरिया थाने के ऑफिसर-इन-चार्ज ने याचिका में कहा था कि कुरान बांटने की शर्त को लागू करवाने में समस्या है इसलिए इसे हटा दिया जाए। जांच अधिकारी की याचिका को सरकार की ओर से सहायक लोक अभियोजक ने फॉरवर्ड करते हुए कोर्ट से अपील की थी कि वह अपने इस फैसले में संशोधन करे।

ऐसे फैसले पर सख्त ऐतराज जताते हुए आरोपी ऋचा भारती ने कहा था, ‘दूसरे धर्म, समुदाय के लोग भी तो इस तरह की पोस्ट करते रहते हैं। क्या उन्हें कभी भी हनुमान चालीसा पढ़ने या फिर मंदिर में जाने का आदेश दिया गया है?’ इससे पहले ऋचा ने एक निजी चैनल से कहा, ‘नहीं, मैं कुरान नहीं बांटना चाहती हूं।’ उन्होंने कहा, ‘आज कुरान बंटवा रहे हैं, कल बोलेंगे तुम इस्लाम स्वीकार कर लो।’

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