नई दिल्ली — प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज नीति आयोग के गवर्निंग कांउसिल की पांचवीं बैठक हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुखिया भूपेश बघेल ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने बैठक में नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी की जानकारी दी। इसकी जानकारी देते हुये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर लिखा है, नई दिल्ली में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में @NITIAayog की गवर्निंग काउंसिल की पांचवीं बैठक में शामिल हुआ। मुझे खुशी है कि इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ की ‘नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी’ की परिकल्पना को अन्य सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी सराहा।

गौरतलब है कि इस योजना के अंतर्गत हर गांव में गौठान को घेरकर उसे गोवंशों के डे केयर की तरह विकसित किया जायेगा। चरण बद्ध तरीके से इसे हरे चारे के लिये चारागाह को विकसित किया जायेगा। गौठान में चारा और पानी की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। गौठान की देखरेख के लिए हर गांव में ग्राम सभा और ग्राम पंचायत के बीच गौठान समन्वय समिति बनाकर इसे संचालित किया जायेगा। गौठान में जो गोबर और गौमुत्र इकट्ठा होगा। उससे आय के साधन विकसित किये जायेंगे। गोबर से जैविक खाद और बायोगैस बनाया जायेगा। बायोगैस का इस्तेमाल गांव के लोग करेंगे। जबकि जैविक खाद को बेचा जायेगा। सीएम भूपेश बघेल का कहना है कि गाय हमारी आवश्यकता है। गाय के चलते ही भूमि उर्वर बनी हुई है। वरना ज़मीन की उर्वरता खत्म हो जायेगी। इसलिये गायों के संवर्धन और खेती के लिये फिर से लाभप्रद बनाये जाने की आवश्यकता है। सरकार नरवा-गरुवा-घुरवा-बारी योजना के जरिये गौठान को ग्रामीण अर्थव्यस्था के मूलभूत संस्थान की तरह विकसित कर रही है।

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

Categorized in : All News